
15 Oct 2012
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अन्तःकरण की शुद्धि ही मन्त्र दीक्षा - बेहद ध्यान से पढ़िये (श्रीमद भागवत स्कन्ध 12, अध्याय 11) शौनक ने कहा - सूत जी! हम क्रिया-योग का यथावत ज्ञान प्राप्त करना चाहते हैं क्योंकि उसका कुशलता पूर्व...5 years ago
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Chaitanya's Cartoony Communications - :) - Classmate - Chaitanya..... what is your age ??? Chaitanya- I am not sure ... it keeps changing. Classmate - Awww !! 😱😱 How ??? Chaitanya - One day my ...5 years ago
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अनुराग सागर की कहानी - अनुराग सागर कबीर साहिब और धर्मदास के संवादों पर आधारित महान ग्रन्थ है। इसकी शुरूआत में बताया गया है कि सबसे पहले जब ये सृष्टि नहीं थी। प्रथ्वी, आसमान, सूरज...6 years ago
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दिव्य साधना - खेचरी मुद्रा - मध्यजिव्हे स्फारितास्ये मध्ये निक्षिप्य चेतनाम । होच्चारं मनसा कुर्वस्ततः शान्ते प्रलियते । ( धारणा - 57 श्लोक 80 ) सामान्य लगने वाली इस खेचरी मुद्रा साधना...8 years ago
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मंकी बोले तो मन की बात - देशभर में आज लोकसभा चुनाव संपन्न हो रहे हैं या बड़े अथवा फिल्मी पर्दे पर लड़ाई भिड़ाई का दृश्य फिल्माया जा रहा है। इस संबंध में प्रचार और प्रसार की ...10 years ago
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'ब्लॉगालय' के साथ जुडें - 'ब्लॉगालय' से जुडें 'ब्लॉगालय' में आप सभी का स्वागत है। नवीन आगमन एवं स्थापित "हिंदी ब्लॉगर" अपने "ब्लॉग" को 'ब्लॉगालय' से जोड सकते है। कृपया अपनी टिप्पणी...11 years ago
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आपके अपने अपने ईश्वर हैं - ध्यान कुछ ऐसा है । जिसका कि उस तरह से अभ्यास नहीं किया जा सकता । जिस तरह आप वायलिन या पियानो बजाने का अभ्यास करते हैं । आप अभ्यास करते हैं । अर्थात आप पूर्...12 years ago
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बिंदायकजी रो गीत....! - *म्हारा बिंदायकजी स्याणा ल्यावैं बै तो धन का बाणा* *म्हारा बिंदायकजी भोळा, ल्यावैं भर कै धन का झोळा* *म्हारा बिंदायकजी सूदा, करदीं बै तो धन का कुड्डा* *म्हा...13 years ago
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